About this website

Techcalculation एक हिंदी ब्लॉग है इस ब्लॉग पर आपको Computer, Internet, Mobile और अन्य सभी Technology के बारे में जानकारी हिंदी में मिलती है।

Cache memory in Hindi | कैश मेमोरी क्या है।

दोस्तों मोबाइल हो या कंप्यूटर यहाँ पर आपने कैश मेमोरी के बारे में तो सुना ही होगा वैसे अगर मेमोरी की बात करें तो बहुत सारे लोगों के दिमाग में मेमोरी से नाम आता है हार्डडिस्क और रैम का लेकिन यह कैश मेमोरी क्या होती है और एक किस तरीके से काम करती है तो आज इस पोस्ट से हम कैश मेमोरी के बारे में बात करेंगे और बतायेंगे क्या होती है Cache memory in Hindi. और यह कैश मेमोरी कैसे काम करती है। 

कम्प्यूटर और मोबाइल में मेमोरी लगी होती है जिसके बारे में सभी जानते है कि computer और मोबाइल में हार्डडिस्क कितना है और RAM कितना है और जिन लोगों को computer या टेक्नॉलजी के बारे में knowledge होती है वह जानते होंगे कि मेमोरी दो तरह की होती है Primary Memory और Secondary Memory, पर कैश मेमोरी क्या होती है इसके बारे में बात करने बाले है। 

What is cache memory in Hindi (कैश मेमोरी क्या है)

कैश मेमोरी एक छोटे आकार की वोलेटाइल (volatile memory) मेमोरी होती है। जो एक CPU  को हाई-स्पीड डेटा एक्सेस प्रदान करती है और ज़्यादातर उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर प्रोग्राम, एप्लिकेशन और डेटा को स्टोर करती है जो रैम से निर्देशों और डेटा को बार-बार लाने से बचाता है। 

कैश मेमोरी की बात करें तो यह मेमोरी सीपीयू के अंदर होती है। यानी कि आपके कम्प्यूटर के माइक्रो प्रोसेसर के अंदर यह Memory होती है या फिर यह कैश मेमोरी माइक्रो प्रोसेसर के पास मदरबोर्ड पर लगी हो सकती है। यह मेमोरी Primary Memory और Secondary Memory से बहुत तेज़ होती है यह बहुत तेजी से काम करती है अगर देखा जाए तो यह मेमोरी हार्डडिस्क और रैम के मुकाबले बहुत छोटी होती है लेकिन उनसे कई गुना तेज होती है और इस मेमोरी में वह प्रोग्राम वह निर्देश सुरक्षित रहते हैं जिनकी जरूरत सीपीयू को बार-बार पड़ती है कैश मेमोरी को सीपीयू की मेमोरी भी कहा जाता है  सीपीयू जिम प्रोग्राम और निर्देशों को बार बार इस्तेमाल करता है उनको  कैश मेमोरी में सुरक्षित कर लेता है और CPU कोई भी Data Process करने से पहले सबसे पहले कैश मेमोरी को ही चेक करता है अगर कैश मेमोरी में निर्देश की फ़ाइल नहीं मिलती है तो उसके बाद CPU मैन मेमोरी यानी कि RAM को चेक करता है।तो इस तरीके से कैश मेमोरी बहुत तेजी से काम करती है. कैश मेमोरी जितनी अधिक होगी उतना अधिक डेटा CPU के क़रीब स्टोर किया जा सकता है। 

इसे हम एक उदाहरण से समझते है मान लीजिए आप एक ऑफ़िस में काम करते है आपके सामने एक मेज़ (Table) है और उस मेज़ के ऊपर आप अलग-अलग फ़ाइल रख कर काम करते है, अलग-अलग बुक्स रीड करते है। तो इस तरह से आप मेज़ को RAM मान सकते है और सभी बुक्स को प्रोग्राम मान सकते है। पर यही सभी बुक्स हमेशा मेज़ पर नहीं रह सकती इस लिए इन्हें संभाल कर रखने के लिए एक अलमारी होती है जहाँ से हम अलग-अलग बुक्स को निकाल कर मेज़ पर ला कर पढ़ सकते है और वापस अलमारी में रख सकते है और उस अलमारी को हम हार्डडिस्क मान सकते है।अब मान लीजिए आपके पास कुछ ऐसी फ़ाइल, नोट्स या सामान है जिनकी ज़रूरत आपको बार-बार पड़ती है। जिन्हें आप जल्दी से उठा कर यूज़ कर सकें। ऐसी फ़ाइल, या नोट्स जिनकी ज़रूरत आपको बार-बार पड़ती है उन्हें आप अपने नज़दीक मेज़ पर लगी Drawer (दराज़) में रखते है। और इस दराज़ को आप computer की Cache memory hindi में (कैश स्मृति)मान सकते है जो कि  माइक्रो प्रोसेसर के अंदर लगी रहती है या फिर उसके पास लगी रहती है। 

आपने अक्सर अपने कम्प्यूटर पर काम करते हुए देखा होगा आप जिन प्रोग्राम का ज़्यादातर इस्तेमाल करते है वह प्रोग्राम जल्दी ओपन हो जाते है और जिन प्रोग्राम को आप कभी-कभी इस्तेमाल करते है वह ओपन होने में थोड़ा सा समय ले लेते है। या फिर आपने देखा होगा Internet पर जो query या निर्देश हम बार-बार सर्च करते है वह ब्राउज़र पर अपने आप दिखने लग जाते है जैसे ही हम पहला अक्षर लिखते है। यह इस लिए होता है जो प्रोग्राम हम ज़्यादातर इस्तेमाल करते है उन प्रोग्राम की कुछ फ़ाइल कैश मेमोरी में जमा हो जाती है और जब भी हम वह प्रोग्राम दुबारा ओपन करते है तो कैश मेमोरी CPU के पास होने के कारण उन फ़ाइल को जल्दी ऐक्सेस कर लेता है और जो फ़ाइल कैश मेमोरी में नहीं मिलती है उसके लिए CPU को RAM के पास जाना पड़ता है इस लिए प्रोग्राम ओपन करने में थोड़ा सा समय लगता है। 

अब यहाँ ध्यान रखने बाली बात यह है कि जब CPU कोई भी प्रोग्राम या निर्देश को प्रॉसेस करने के लिए Cache memory को चेक करता है अगर Cache Memory में उस निर्देश या प्रोग्राम की फ़ाइल मिलती है तो उसे Cache Hit बोला जाता है। और अगर cache memory में फ़ाइल नहीं मिलती है तो उसे Cache Miss कहा जाता है।

Cache memory Access time, Size and Cost

कैश मेमोरी CPU के नज़दीक या CPU के अंदर होने के कारण इसका ऐक्सेस टाइम बहुत कम होता है यानी कि जो फ़ाइल या निर्देश कैश मेमोरी में स्टोर होते है उन्हें CUP बहुत तेज़ी से (कम समय में ) ऐक्सेस कर सकता है और यही ऐक्सेस टाइम मैन मेमोरी (RAM) के लिए बढ़ जाता है। और सबसे ज़्यादा ऐक्सेस टाइम हार्डडिस्क के लिए होता है।

अगर इसके Size के बारे में बात करें तो cache memory का size RAM और हार्डडिस्क की तुलना में बहुत कम होता है। कैश मेमोरी सा साइज़ सबसे  कम होता है उस से ज़्यादा साइज़ RAM का होता है और सबसे ज़्यादा Size सेकंडेरी मेमोरी यानी कि हार्डडिस्क का होता है। 

अब अगर कैश मेमोरी की Cost के बारे में बात की जाए तो भले ही इसका साइज़ कम हो पर इसकी गति सबसे तेज़ होती है इस लिए यह मेमोरी महँगी होती है। अगर RAM की बात की जाए तो RAM की स्पीड कैश मेमोरी से काम होती है पर इसका साइज़ कैश मेमोरी से ज़्यादा होता है इस लिए यह कैश मेमोरी से सस्ती होती है। और अब हार्ड डिस्क के बारे में बात की जाए तो कैश मेमोरी और RAM की तुलना में हार्डडिस्क बहुत धीमी होती है पर कैश मेमोरी और RAM की तुलना में हार्डडिस्क का साइज़ सबसे अधिक होता है और इसकी cost कैश मेमोरी और RAM की तुलना में सबसे कम होती है। 

Storage Devices के बारे में पढ़ें

Cache Memory Levels

कैश मेमोरी को 3 Level में बाँटा गया है। Level 1, Level 2, और Level 3 

Level 1 कैश मेमोरी आमतौर पर CPU चिप का ही हिस्सा होती है और यह सबसे छोटी और सबसे तेज़ एक्सेस करने वाली होती है। इसका साइज़ लगभग 8KB और 64 KB के बीच होता है। 

Level 2, और Level 3 कैश मेमोरी Level 1 से बड़ी होती है यह मेमोरी अक्सर CPU और RAM के बीच होती है कभी-कभी Level 2 को Level 1 के साथ CPU बनाया जाता है यह यहाँ Level 2, और Level 3 मेमोरी Level 1 की तुलना में ऐक्सेस करने में थोड़ा अधिक समय लेते है। Level 2, और Level 3 कैश मेमोरी जितना अधिक होती है उतना तेज़ी से कम्प्यूटर चल सकता है। 

निस्कर्ष 

तो आज की इस पोस्ट में आपने Cache memory Hindi में जाना की कैश मेमोरी क्या होती है और यह कम्प्यूटर को तेज़ गति से काम करने के लिए कितनी ज़रूरी है कैश मेमोरी अपने अंदर उन सभी निर्देशों को स्टोर करके रखती है जिनकी ज़रूरत CPU को बार बार पड़ती है इस लिए CPU तेज़ी से काम करता है। उम्मीद है आपको यह पोस्ट पसंद आयी होगी और इस से आपको कोई नयी जानकरी मिली होगी। तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। 

lalit kushwaha
lalit kushwaha

Hello दोस्तों मेरा नाम ललित कुशवाह है में इस ब्लॉग का Admin और Author हूँ मुझे टेक्नॉलजी के बारे में पढ़ना और दूसरे लोगों को उसके बारे में बताना अच्छा लगता है इसलिए में इस ब्लॉग के माध्यम से आप सब लोगों को टेक्नॉलजी से सम्बंधित जानकारी हिंदी भाषा में देता हूँ। मुझे उम्मीद है की आप मुझे सपोर्ट करेंगे।

Articles: 10

Leave a Reply

Your email address will not be published.