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How internet works | इंटरनेट कैसे चलता है जानिए हिन्दी में

Internet के बिना हमारा एक भी दिन नहीं कटता है हम Internet के बिना रह ही नहीं सकते है। आज कल के समय में Internet सभी की जरूरत बन गया है । पर क्या कभी सोचा है की Internet कैसे चलता है । हम सभी लोग Internet पर नई-नई चीज देखते है दोस्तों से बातें करते है। Videos देखते है पर कभी भी यह जानने की कोशिश नहीं की कि Internet कैसे चलता है Internet आपके Mobile तक कैसे पहुँचता है । पर आज इस Post से आपको पता चल जाएगा कि (How internet works) Internet कैसे चलता है और आपके Phone तक Internet कैसे पहुँचता है ।

अगर में कहूँ की Internet बिल्कुल फ्री है तो क्या आप इस पर यकीन करेंगे और आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि जब Internet बिल्कुल Free है तो हमें इसके लिए रुपए  क्यों देने पड़ते है । हर Internet Service provider अलग-अलग Rate में Internet की Service क्यों देते है ।

How internet works | इंटरनेट कैसे चलता है।

हमारे पास तक Internet पहुँचने से पहले उसे 3 कंपनियों से हो कर गुजरना पड़ता है । पहली कंपनी को हम Tier 1 कहते है जो पूरी दुनिया में Optical Fibre Cable बिछा के सारे देशों को आपस में जोड़ती है। यह Optical Fibre Cable को समुद्र के अंदर डाल कर रखते है। Optical Fibre Cable को Submarine Cable भी कहते है । और इन Cables की Speed 100 GBPS तक होती है। अगर अपने भारत की बात करें तो भारत में Tier 1 कंपनी Tata communications है जिसने समुद्र से हो कर Optical Fibre Cable को बिछाया है और कई देशों को अपने से जोड़ा है । अगर आप देखना चाहते है की पूरी दुनिया में कोन-कोन से देशों  ने अपनी  Submarine Cable को बिछा के रखा है।

समुद्र के अंदर कितनी सारी Cables बिछी हुई है यह आप नीचे दी हुई Website पर जा कर देख सकते है। इस Website पर आपको Submarine Cable के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी कि Cable कहाँ से लेकर कहाँ तक Connect है Cable की लंबाई कितनी है। Cable के कोन कोन Owners है । Landing Points कोन कोन से है यह सब जानकारी आपको इस Website पर मिल जाएगी । भारत में Submarine Cable के Landing Points मुंबई , चेन्नई, त्रावेंद्रपुरम ,कोचीन और Tuticorine में है जहाँ से भारत ने Submarine Cable से और देशों को Connect किया है। submarine cable map से समुद्र के अंदर कितनी सारी Cables बिछी हुई है यह आप नीचे दी हुई Website पर जा कर देख सकते है। इस Website पर आपको Submarine Cable के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी कि Cable कहाँ से लेकर कहाँ तक Connect है Cable की लंबाई कितनी है। Cable के कोन-कोन Owners है । Landing Points कोन-कोन से है यह सब जानकारी आपको इस Website पर मिल जाएगी । भारत में Submarine Cable के Landing Points मुंबई , चेन्नई, त्रावेंद्रपुरम ,कोचीन और Tuticorine में है जहाँ से भारत ने Submarine Cable से और देशों को Connect किया है। Map देखने के लिए Click करें।

अब भारत ने Submarine Cable से सारे देशों को Connect कर लिया है। और अब यह Internet Per GB Data के हिसाब से Tier 2 Company को देते है और Tier 2 Company Data को Per GB के हिसाब से खरीद लेते है और Tier 3 Company जो local आपके शहर में होते है उनको बेच देते है। और फिर Internet का Rate बढ़ा कर हमें मिलता है ।  पर Internet बिल्कुल फ्री है हमें सिर्फ उसका पैसा देना पड़ता है जो पैसा Submarine Cable को बिछाने में लगा है और उसका रख रखाब मतलब जितना खर्चा Cable को बिछाने और उसके रख-रखाव में लगता है वही हमें देना पड़ता है। क्यूकी यह Cable समुद्र के अंदर होती है। और उसका Maintenance करना बहुत महंगा होता है। इस Cable की Life लगभग 25 साल तक होती है। और इसी तरह आप जिस भी Operator की SIM चलाते है उसने भी पैसा लगा कर पूरा Setup तैयार किया है उसने अपने  Tower लगाए है और उसका Maintenance भी रखना होता है इस लिए हमें Internet के पैसे देने पड़ते है। अब इसे हम एक Example से और समझते है मान लीजिये आपका एक दोस्त आपसे 100 KM दूर किसी शहर में रहता है और आपने अपने दोस्त के कम्प्यूटर को एक Cable से Connect कर के रखा है अब आप उसके कम्प्यूटर में रखी सारी जानकारी देख सकते है और वह भी आपके computer में राखी सारी जानकारी देख सकता है। अब आपके पास आपका एक और दोस्त आता है और कहता है कि उसको आपके दोस्त के computer में से कुछ जानकारी लेनी है तो आप उसको बताते है कि इस computer में रखी जानकारी को लेने के लिए 1 GB के हिसाब से आपको 100 रुपये देना होगा।  आपके लिए तो वह जानकारी बिल्कुल फ्री है पर आप उस से 100 रुपये GB का Charge ले रहे है क्योंकि आपने 100 KM तक उस Cable को बिछाया है जिसमें आपका काफी पैसा लगा था।

Internet website access route

Website access करने के बीच क्या-क्या होता है।  अब बात करते है की जब हम कोई Website Visit करते है तो Background में क्या-क्या होता है जब भी हम कोई भी Website Visit करते है तो वह Request उस Website के Server तक जाती है और वहाँ से हमें Result मिलता है जैसे मान लेते है की आपको Google चलाना है तो Google का Server India में नहीं है इस लिए जब भी आप अपने Mobile पर Google Visit करेंगे तो वह Request Tier 1 Company मुंबई से हो कर Google के server तक जाएगी और वापस उसी रास्ते से हो कर हमें वह Result देखने को मिलेगा। पर अगर हम किसी Indian Website को visit करते है जिसका Server India के अंदर ही है तो जब हम उस Website को Visit करते है तो वह Request Direct Server पर पहुँच जाएगी क्योंकि Website का Server India में ही है इस लिए हमारी Request Submarine Cable से हो कर India से बाहर नहीं जाएगी। इस लिए जिस website का server India में होता है तो उस Website की Connectivity fast होती है क्योंकि उसे Submarine Cable से हो के नहीं जाना पड़ता।

website कहाँ-कहाँ से Access होती है।

अगर आप देखना चाहते है कि आपने जो भी website visit करते है तो उसका Traffic कहाँ-कहाँ से हो कर जाता है आप आपने Laptop या computer पर Command prompt खोल लीजिये और वहाँ आपको एक Command डालनी है। tracert और Command डालने के बाद आप कोई भी Domain Name या website की लिंक डाल सकते है जैसे में Google कि website देखना चाहता हूँ कि जब मैंने Google open किया तो वह कहाँ-कहाँ से हो कर जाता है tracert google.com इतना लिखने के बाद आपको Enter press करना है और आपको यहाँ पता चल जाएगा कि आपके Laptop से हो कर Google के server तक कहाँ-कहाँ connection बना कहाँ-कहाँ Request गई यह सब आपको पता चल जाएगा यहाँ आपको बहुत सारी IP देखने को मिल जाएगी और आपको बस IP Address कि location पता करनी है और आपको पता चल जाएगा कि आपके Laptop तक Google कहाँ-कहाँ से हो कर आ रहा है। IP की Location पता करने के लिए आप Google पर IP Location finder पर जा सकते है।

Server क्या होता है

अब बात करते है कि Server क्या होता है बहुत बार सुना होगा कि Website का Server Down है या Maintenance पर है आखिर क्या होता है और Internet पर जो भी हम देखते है वह किसी न किसी Server से ही हमें मिलता है।  सरल भाषा में कहें तो Server वह होता है जो हमें किसी भी तरह की  Service देता है। इसे हम थोड़ा सा और समझते है। जैसा कि हमें पता है कि दुनिया के सारे Computer एक दूसरे से  Cable से connect है मान लेते है कि हमारे पास 100 कम्प्यूटर है और उन सबको हमने एक Wire से Connect कर दिया है वह हमारा एक Internet बन गया ऐसे ही दुनिया के सारे Computer एक दूसरे से Cable से connect है फिर वह चाहें Optical Fibre Cable से Connect हो या किसी और wire से। पर सारे Computer Client है जो जानकारी लेते है पर जानकारी देने वाला भी तो कोई होना चाहिए तो उन सभी Computers में से हम किसी एक को Server बना देंगे और उस पर सारी जानकारी डाल देंगे और फिर किसी भी Client Computer को कोई जानकारी चाहिए होगी तो वह उस Server पर Request भेज कर वह जानकारी ले सकता है। Server एक Computer ही होता पर यह Normal Computer से ज्यादा Advance होता है इसकी Performance बहुत अच्छी होती है।  इसी तरह Internet पर हर एक Website का अपना एक Server होता है। जैसे कि Facebook का Example लेते है Facebook का Server India में नहीं है तो जब भी हम अपने Mobile पर या Laptop पर Facebook को खोलते है तो वह Facebook के Server से Connect होता है और उसी Server पर आपके Facebook Account की सारी जानकारी Store रहती है।

सर्वर के बारे में जानें सर्वर क्या होता है।

Internet के लिए खुद का Server कैसे बनाये

अगर आप चाहते है कि आपका Mobile या computer एक server बन जाये तो आप कुछ Setting कर के उसे Server बना सकते है और उसे Internet से जोड़ कर आप कोई भी services दे सकते है आप अपने Computer को Server बना कर और एक Domain Name register करा के अपने Server से connect कर सकते है और एक Website बना सकते है अब पूरी दुनिया में से कोई भी आपकी Website पर Visit करेगा तो वह आपके Server से Connect हो जाएगा। पर अगर आपका Computer Power off है या Internet से Connect नहीं है तो आपकी website को कोई भी Access नहीं कर पाएगा। इसलिए आपके पास हर समय Electricity और Internet की सुविधा होनी चाहिए तो आप अपने Computer को ही Server बना सकते है। पर इन सब मुसीबत से बचने के लिए हम एक Computer किराए पर ले लेते है जो हमेशा Power On रहता है और हमेशा Internet से जुड़ा रहता है उस Computer पर हम कुछ भी रख सकते है और उसे ही हम Web Hosting server कहते है इस पर हमारी Website host होती है।

Server Down कैसे होता है

अब बात करते है कि Server Down कैसे होता है मान लीजिये हमारा एक कम्प्यूटर है जिसकी RAM का size 2 GB है और CPU भी Normal है और उस System पर हम एक ऐसा Software चलाते है जो कि 4 GB RAM को support करता है और उसके लिए एक अच्छा खासा CPU कि जरूरत है तो जब हम अपने Computer पर उस Software को RUN करेंगे तो हमारा system hang हो जाएगा इसी तरह एक website है जो कि एक Server पर Host है और उसकी Bandwidth 100 MBPS है मतलब वह एक सेकंड में 100 MB Data upload और Download कर सकता है और उसी website पर एक 20 MB का एक Image है जिसे 10 लोग एक ही समय पर एक ही Image को Download करने लग जाते है पर Server की Bandwidth 100 MBPS है  तो server अपनी Bandwidth को 10 लोगों में Divide कर के देगा जिस से हर एक user को 10 MBPS की Speed मिलेगी इसी तरह 20 User एक ही समय पर उसी Image Download करेंगे तो हर एक User को 5Mbps की speed मिलेगी पर अगर एक साथ 100 से ज्यादा लोग उसी Image को एक ही समय पर Download करने लग जाते है तो Server उस Image को upload नहीं कर पता और Down हो जाता है।

मुझे पूरी आशा है कि आप लोगों को Internet कैसे चलता है (How internet works in Hindi) इसके बारे में समझ आ गया होगा। अगर आपको यह Post अच्छी लगी तो आप सभी से गुजारिश है कि आप लोग इस जानकारी को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, के साथ share करें, जिससे कि हमारे बीच जागरूकता होगी और ज्ञान बढ़ेगा। अगर आप लोगों को किसी भी तरह का Doubt है तो आप मुझे बेझिजक comment कर के पूछ सकते है। में पूरी कोशिश करूंगा कि आपके सवाल का जवाब दे सकूँ। और इस post को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।  

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