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Internet Pollution क्या होता है और कैसे होता है

यह बात को बताने कि जरूरत नहीं है कि आज के समय में Internet हमारे लिये कितना जरूरी है। अगर एक दिन के लिये Internet बंद कर दिया जाये तो हम जानते है कि वह दिन हमारा कैसे गुजरता है। हम Internet के बिना अपनी life को कल्पना भी नहीं कर सकते हम नहीं जानते कि बिना Internet के हमारा क्या होगा। हम सब जानते है कि Internet हमारे लिये कितना जरूरी है एक तरफ Internet हमारे लिये बहुत ही जरूरी है। पर जैसे एक सिक्के के दो पहलू होते है वैसे ही Internet के बारे में यह बात बिल्कुल सही है Internet हमारे लिये बहुत जरूरी है पर कभी-कभी यह हमारे लिये मुसीबत भी बन जाता है। पर Internet के बारे में एक सत्य और है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता है। वह है Internet से होता Pollution. जी हाँ Internet से इतना Pollution होता है कि आप सोच भी नहीं सकते। तो आज इस पोस्ट में हम Internet Pollution के बारे में बात करेंगे।

Interne pollution का कारण

क्या आपको पता है कि Google पर हर दिन 350 करोड़ सर्च किए जाते है, Facebook पर 30 करोड़ से ज्यादा Photos डाले जाते है। 50 करोड़ से ज्यादा Twitter पर Tweet किये जाते है। और एक दिन में YouTube पर 500 करोड़ Videos देखी जाती है और बाकी लाखों वैबसाइट का डाटा तो हमने लिया ही नहीं। तो आज हम इसी Topic के बारे में बात करेंगे। कि Internet Pollution क्या है और कैसे होता है। यह सब कैसे होता है। हमारे Phone और Computer Internet से कैसे connect है और Internet कैसे चलता है। और Internet कैसे हमारे Environment को नुकसान पहुँचाता है। आप विश्वास करें या न करें पर Internet पर आपके द्वारा किया गया हर एक Click, Phone में किया गया हर एक Touch और Swipe, Earth को Pollute कर रहा है आप यकीन नहीं करेंगे पर यह सच है। आप और में हर दिन Internet के जरिये Air Pollution को बढ़ा रहे है।

Internet pollution कैसे होता है

इस से पहले हम यह  पता करें कि Internet Pollution कैसे होता है हमें यह पता होना चाहिए कि Internet काम कैसे करता है Internet को काम करने के लिए सबसे पहले Data Centre कि जरूरत होती है जहां Internet पर मौजूद सारा डाटा Store रहता है। “Internet कैसे काम करता है डाटा Center क्या होते है इस के बारे में और जानने के लिए यहाँ Click करें।“ और दूसरा Network communication System जो एक Computer को दूसरे Computer से जोड़ता है और ऐसे ही दुनिया भर के सारे Data Center एक दूसरे से Network से जुड़े है Network communication System  से ही Data Center में रखी जानकारी को हमारे पास तक पहुँच पाती है। मतलब जो भी हम सर्च करते है और उसके बदले में हमें जो मिलता है वह Network communication System से होता है।

अब अगर बात करें कि Internet पर कितना Data store है तो सिर्फ Google, Microsoft, Amazon और Facebook का Total Data 12 Lakh Petabyte के बराबर होगा और यह सिर्फ वह Data है। जिसे हम देख सकते है या चला सकते है इसके पीछे जो Data छुपा हुआ है जो इस Data को हम तक पहुंचाने का काम करता है जैसे इसके पीछे की Coding उसका Data तो हमने Count ही नहीं किया है। अब अगर बात करें कि Internet का सारा Data कितना होगा Internet की हर एक छोटी बड़ी वैबसाइट का डाटा Count करें तो यह लगभग 44 Zettabytes है जो कि One Trillion  GB के बराबर है। One Trillion कितना होता है One Lakh Crores equal to One Trillion.  क्या आपने कभी सोचा था इसके बारे में। अब सवाल यह आता है कि इतना सारा Data कहाँ  store होता है। कोई तो ऐसा कम्प्यूटर  होगा जहां हम इतना सारा Data रख सकें। जहां यह Data रखा जाता है उसी जगह को हम Data Centers कहते है। और एक Data Centre का Size करीब 10 फुट बाल मैदान के बराबर होता है। और यहाँ लगे रहते है बहुत सारे Computers जो Network से एक दूसरे से जुड़े हुए होते है और उन Computers पर Storage Devices लगी रहती है जैसे Hard Drive, SSD और यहीं होता है सारा Data Store. आप और हम Facebook, Instagram पर जो भी Photos upload करते है वह सब इन्हीं Storage Devices में store रहते है। और अभी आप जो ये Post पढ़ रहे हो यह भी किसी एक Data Centre के किसी एक Hard Drive में store है।

Google Data Centre

अब बात करते है Google के Data Centre की तो दुनिया भर में अब तक Google के 16 Data Centre है। अब बात सीधी है इन Data Centre को चलाने के लिए electricity की जरूरत तो पड़ती होगी क्यूकी electricity नहीं होगी तो Data Centre में लगे Computers और Network Devices नहीं चलेंगे। और Data Centre में लगे Computers और Network Devices एक सेकंड के लिए भी बंद नहीं होते। अगर यह 1 सेकंड के लिए भी बंद हो गए तो Internet भी बंद हो जाएगा। और दूसरी बात यह कि जब एक ही जगह पर इतने सारे Storage Devices और Computers हर समय चलते रहेंगे तो वह बहुत ज्यादा गर्म हो जाते है और उनको ठंडा रखने के लिए भी तो हमें electricity चाहिए होगी। एक अंदाज के मुताबिक दुनिया भर के सारे Data Centre लगभग 416 terawatt hours की electricity consume करते है। दुनिया भर में जितनी electricity consume की जाती है यह उसका 3% है। अब आप सोच सकते है कि Data Centre को कितनी electricity की जरूरत होती है।

Network communication system 

अब बात करते है Network communication system की , हम जानते है कि दुनिया भर के सारे Computers को एक साथ जोड़ कर Internet बनता है अगर आप एक कमरे में 5 या 10 Computers को आपस में एक Cable से जोड़ देते है और उनमें से किसी एक Computer को Permission दे सकते है कि इस Computer से कोई भी file Download और Upload कर सकता है तो यही तो है Internet। ऐसे ही दुनिया भर के सारे Computers को आपस में जोड़ने के लिए समुन्द्र में Cables बिछा के रखी है आप इस लिंक पर click कर के आप इस बारे में और अच्छे से समझ सकते है। 2017 में आई एक Report के हिसाब से दुनिया भर से समुंदरों में 11 Lakh KM length की Optical Fiver Cable बिछी हुई है। अब ये सारी Cables Electrical Signal को ही Transmit करती है तो इनके Working के लिए भी electricity की जरूरत पड़ती है और हर साल इनमें 354 terawatt hours की electricity Consume होती है। इसके अलावा Internet Service Provider जो हमारे Phone तक Internet पहुंचाते है उनके लिए भी electricity चाहिए होगी। अब आप खुद सोचिए इस पूरे System में कितनी सारी electricity Consume हो रही होगी। और इतनी सारी electricity के निर्माण में कितना ईंधन दहन होता होगा और उस दहन क्रिया से निकलने बाला कार्बन डाइआक्साइड कितना होगा। अगर तुलना करें तो दुनिया में जितने भी Air vehicles उड़ रहे है जैसे Airplanes, Private jet, और  Helicopters वह सभी इतना ही कार्बन डाइआक्साइड निकालते है। जितना कि Internet से होता है।

Google पर लगभग हर सेकंड 80,000 सर्च होते है जिस से हर सेकंड करीब 500 KG CO2 पैदा होती है और औसतन एक पेड़ एक साल में 2177 KG CO2 अवशोषित करता है। तो इस तरह CO2 उत्सर्जन मात्रा को संतुलन में लाने के लिए हमें हर सेकंड 23 पेड़ों को लगाना होगा। और क्या आपको पता है कि Internet पर लगभग हर सेकंड एक नई Website बनती है और वह किसी एक Data Center पर Host होती है इसका मतलब हर सेकंड बनती Website के लिए Data Center पर एक Computer चाहिए जिस पर Website का Data store रह सके और उस Computer को हमेसा चालू रखना पड़ता है और एक Computer एक घंटे में इतनी electricity  Consume करता है जिसे बनाने में 40g से 80g कार्बन डाइआक्साइड निकलता है।

अब आपको यह बात जानना जरूरी है कि जब भी आप Internet पर Browse करते है तो हर सेकंड 20 Milligram CO2 निकलती है। आपके द्वारा Google पर किया गया हर सर्च 5-7 gram  CO2 निकाल देता है। एक Email भेजने पर करीब 20 gram CO2 निकल जाता है। मान तो आप हर दिन 20 से 25 Email send करते हो तो साल भर में आप इतना कार्बन डाइआक्साइड निकाल दोगे जितना एक कार 1000 km चलने के बाद निकलेगी। और Google पर किए गए सर्च से आप यह अंदाजा लगा सकते है कि एक सर्च करने पर इतनी कार्बन डाइआक्साइड निकलती है जिस से आप एक केतली में रखा पानी गरम कर सकते है। मतलब आप Internet पर कुछ भी कर रहे हो तो आप इस वातावरण को प्रदूषित करने में अपना योगदान दे रहे है मैंने भी यह Post डाल कर वातावरण को प्रदूषित किया है। इस चीज को हम रोक तो नहीं सकते पर कम जरूर कर सकते है। अब सवाल यह आता है कि अगर हम Internet चला कर वातावरण को प्रदूषित कर रहे है तो क्या हम Internet चलना छोड़ दें ! ऐसा हम कभी नहीं कर सकते क्यूकी Internet हमारे लिए बहुत जरूरी है। आज करीब 200 Crores लोग WhatsApp चलाते है अपने दोस्तों और परिवार से Chat  करते है। अब सोचिए 200 Crores लोग WhatsApp  चलाना बंद कर दें और सभी एक दूसरे से बात करने के लिए Letter लिखना शुरू कर दें तो उसके लिए Paper की जरूरत होगी और उसके लिए हमें कितने पेड़ों को काटना पड़ेगा। YouTube पर करीब 200 Crores लोग Videos देखते है अगर वह YouTube चलाना बंद कर दें तो लोग एक दूसरे से साथ Videos Share करने  के लिए CD और Pen Drive का इस्तमाल करेंगे जिस से Plastic Pollution बढ़ जाएगा। Facebook पर करीब 249.8 Crores लोग अपने Friends और Family से Connect है सभी एक दूसरे से साथ Facebook पर अपने Moments को share करते है अगर Facebook चलाना बंद कर दें तो एक दूसरे से मिलने के लिए Traveling करेंगे। अब आप खुद सोचिए क्या हम Internet चलाना बंद कर सकते है। और क्या बिना Internet के हम रह सकते है।

Micro Technology से बनी दुनिया की सबसे छोटी कार।

मुझे पूरी आशा है कि आप लोगों को Internet pollution कैसे होता है इसके बारे में समझ आ गया होगा। अगर आपको यह Post अच्छी लगी तो आप सभी से गुजारिश है कि आप लोग इस जानकारी को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, के साथ share करें, जिससे कि हमारे बीच जागरूकता होगी और ज्ञान बढ़ेगा। अगर आप लोगों को किसी भी तरह का Doubt है तो आप मुझे बेझिजक comment कर के पूछ सकते है। में पूरी कोशिश करूंगा कि आपके सवाल का जवाब दे सकूँ। और इस post को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।  

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