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Logic gates क्या होते है और इनका क्या काम होता है

हम जानते है कि Digital Computer अपनी Internal process Binary number system कि सहायता से करती है और Binary में सिर्फ 2 ही Digits होते है 0,1 इन Binary numbers का Manipulation Logic circuit से होता है जिसे Logic Gates कहते है।

Logic Gates

Logic Gates वे circuit होते है जो एक या एक से अधिक Input Signal ले सकते है पर Output में सिर्फ एक ही signal देते है । Computer के digital circuit इन्ही Logic gates पर बने होते है ।

अगर किसी Logic Gate पर Input की संख्या 1 होगी तो Possible output की संख्या 2 होगी । यदि 2 Input है तो Possible output 4 होगे । इसे हम Formula से समझ सकते है Input = n और तो आउटपुट 2n होगा । जैसे किसी Logic gate के Input कि संख्या 2 है तो Input = n (n = 2) 22 तो 2*2=4. Logic gates के Input और Output को एक Truth table से दिखया जाता है ।  

किसी भी Circuit को बनाने के लिए 3 Gates का use होता है AND Gate, OR Gate, NOT Gate. इन तीनों Gates के अलावा NAND Gate, NOR Gate, XOR Gate भी होते है जो  AND, OR, NOT Gate को आपस में मिलकर बनते है । इन gates को हम एक Diagram से दिखाते है ।

Logic Gates
  • AND gate में A और B दो input है और Y एक output है।
  • OR Gate में A और B दो input है और Y एक output है।
  • NOT gate सिर्फ एक एसा gate है जिसमें एक Input और एक Output होता है ।
  • NAND Gate AND और NOT Gate से मिल कर बना है । इस NAND Gate के Diagram में पहले AND Gate और उसके बाद NOT gate लगा हुआ है इसमें NOT gate का सिर्फ छोटा सा Circle लेते है ।
  • NOR Gate यह OR gate और NOT Gate से मिल कर बना है इसमें पहले OR Gate में  NOT gate लगा हुआ है ।
  • XOR Gate (Exclusive OR Gate) इस XOR gate में OR Gate से पहले एक curved लाइन लगी रहती है जो XOR gate बनाती है ।

Logic Gates कैसे काम करते है ।

चलिये अब बारी बारी से इनके काम करने का तरीका देखते है की Gates कैसे काम करते है ।

AND Logic Gate

इस Gate में A और B दो input है और Y एक output है जैसा कि हमने पहले बताया था कि अगर input 2 है तो output के 4 Case होंगे । इस AND Gate को Truth Table बना कर समझते है ।

AND

सबसे पहले हम जानते है कि And का मतलब “तथा” होता है। मतलब AND gate के दोनों Terminal A और B पर Signal हो सकता है या नहीं भी हो सकता है । या फिर A और B में से किसी एक पर signal हो सकता है। ओर हमने पिछली पोस्ट में बताया था कि signal Binary Digits में होता है मतलब अगर Signal ON है तो 1 और अगर signal OFF है तो 0 होगा।

अब Truth Table के हिसाब से case 1 में यह सवाल बनता है कि क्या A तथा B दोनों पर signal है ? Truth Table में देखें A तथा B दोनों में signal नहीं है इस लिए कोई भी signal नहीं है तो output में भी हमें कोई signal नहीं मिलेगा । और Output 0 होगा।

Case 2 देखते है कि क्या A तथा B दोनों पर signal है ? इस case में दोनों में signal नहीं है सिर्फ A में signal है तथा B में signal नहीं है तो इस लिए Output में signal नहीं होगा मतलब Output 0 होगा।

Case 3 देखते है कि क्या A तथा B दोनों पर signal है ? इस case में भी दोनों में signal नहीं है सिर्फ B में signal है तथा A में signal नहीं है इस लिए Output में signal 0 होगा।

Case 4 देखते है कि क्या A तथा B दोनों पर signal है ? और इस case में A तथा B दोनों पर signal है इस लिए output में भी signal 1 होगा ।

इसका मतलब AND gate के A और B दोनों पर अगर signal है तो output में भी signal होगा अन्यथा Output 0 होगा।

OR Gate

OR Logic Gates

सबसे पहले हम जानते है कि OR का मतलब “या” होता है। मतलब OR gate के दोनों Terminal A और B पर Signal हो सकता है या नहीं भी हो सकता है । या फिर A और B में से किसी एक पर signal हो सकता है। अब Truth Table के हिसाब से case 1 में यह सवाल बनता है कि क्या A या B में signal है या नहीं ? Truth Table में देखें A तथा B दोनों में signal नहीं है इस लिए कोई भी signal नहीं है तो output में भी हमें कोई signal नहीं मिलेगा । और Output 0 होगा।

Case 2 देखते है कि क्या A या B में signal है या नहीं ? इस case में सिर्फ A में signal है तथा B में signal नहीं है मतलब A और B में से किसी एक पर तो signal है । तो इस लिए Output में signal होगा मतलब Output 1 होगा।

Case 3 देखते है कि क्या A या B में signal है या नहीं ? इस case में सिर्फ A में signal नहीं है तथा B में signal है मतलब A और B में से किसी एक पर तो signal है । तो इस लिए Output में signal होगा मतलब Output 1 होगा।

Case 4 देखते है कि क्या A या B में signal है या नहीं ? और इस case में A और B दोनों पर signal है इस लिए output में भी signal 1 होगा ।

NOT Gate

Not

इस gate में सिर्फ एक Input होता है पर possible Output 2 होंगे । NOT Gate input signal को उल्टा कर के आउटपुट देता है । Truth Table में देखें।

Case 1 अगर Input A में नहीं है तो सवाल यह बनता है । कि क्या Input A में signal नहीं है ? इसका जवाब है कि “हाँ” A में Signal नहीं है। इस लिए हमारा जवाब “हाँ” है इसलिए Output में signal 1 हो जाएगा।

Case 2 में अगर Input में signal है तो सवाल यह बनेगा कि क्या Input A में signal नहीं है ? तो जवाब होगा कि “नहीं” Input में signal है इस लिए हमारा जवाब “नहीं” है इस लिए Output 0 कर देगा।

NAND Gate

NAND

NAND Gate ANDऔर NOT Gate से मिल कर बना है इस लिए जो भी Output result हमें AND Gate में मिला था उस Output result को NOT Gate उल्टा कर देता है । अगर हम AND gate के case 1 को देखे कि A तथा B दोनों में signal नहीं है? तो Output में भी कोई signal नहीं रहेगा मतलब Output 0 होगा । Case 1 में AND gate ने Output में 0 दिया पर NAND उस Output को उल्टा कर देगा मतलब अगर NAND Gate के A और B दोनों पर कोई signal नहीं है तो output result में signal होगा output 1 होगा ।

इसी तरह AND gate के सारे possible cases को NAND gate उल्टा कर देता है ।

NOR Gate

NOR Logic Gates

NOR Gate ANDऔर OR Gate से मिल कर बना है इसलिए जो भी Output result हमें OR Gate में मिला था उस Output result को NOT Gate उल्टा कर देता है । अगर हम OR gate के case 1 को देखे कि A तथा B दोनों में signal नहीं है? तो Output में भी कोई signal नहीं रहेगा मतलब Output 0 होगा । Case 1 में OR gate ने Output में 0 दिया पर NOR उस Output को उल्टा कर देगा मतलब अगर NOR Gate के A और B दोनों पर कोई signal नहीं है तो output result में signal होगा output 1 होगा ।

अब Case 2 देखते है OR gate के case 2 में A पर signal है पर B पर signal नहीं है इस लिए OR gate के output पर result 1 मिला पर अगर यही Same Case हम NOR Gate पर देखे कि NOR gate के A पर signal है पर B पर signal नहीं है। तो output result में यह 0 देगा। मतलब output में कोई signal नहीं मिलेगा।

इसी तरह OR gate के सारे possible cases को NOR gate उल्टा कर देता है ।

XOR Gate  

XOR

यह एक OR Gate ही है पर यह Excusive OR gate है यह ए और B दोनों पर check करता है की  Exclusively किस पर signal है जैसे case 1 देखते है A और B किसी पर signal नहीं है । तो सवाल यह बनता है की क्या Exclusively सिर्फ किसी एक A या B में signal है ? और जवाब यह है की किसी में भी Signal नहीं है ।

अब Case 2 में देखते है A में signal है और B में signal नहीं है तो सवाल क्या Exclusively सिर्फ किसी एक A या B में signal है ? जवाब “हाँ” में होगा क्यूकी किसी एक में तो signal है। मतलब XOR gate में A या B किसी पर तो signal होना चाहिए जब किसी एक पर signal होगा तो output पर भी signal होगा पर अगर A और B दोनों पर signal है तो Output 0 होगा क्यूकी दोनों पर signal है पर XOR gate को Exclusively किसी  एक पर signal चाहिए होता है ।

XNOR Gate

जैसे XOR Gate होता है यह ठीक उसका उल्टा काम करता है जैसे XOR Gate के case 1 को देखते है हमने सवाल किया था कि क्याExclusively किसी  एक पर signal है? पर XOR gate पर A और B दोनों में से किसी पर भी signal नहीं था और output 0 आया था पर यह XNOR Gate है जो XOR gate के output को उल्टा कर देगा । यानी 0 को 1 कर देगा। 

XNOR

मुझे पूरी आशा है कि आप लोगों को  Logic gates के बारे में समझ आ गया होगा । अगर आपको यह Post अच्छी लगी तो आप सभी से गुजारिश है कि आप लोग इस जानकारी को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, के साथ share करें, जिससे कि हमारे बीच जागरूकता होगी और ज्ञान बढ़ेगा। अगर आप लोगों को किसी भी तरह का Doubt है तो आप मुझे बेझिजक comment कर के पूछ सकते है। में पूरी कोशिश करूंगा कि आपके सवाल का जवाब दे सकूँ। और इस post को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।  

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